मनी लॉन्ड्रिंग: अपराध की काली कमाई को सफेद करने का खेल
— डॉ. सत्यवान सौरभ
मनी लॉन्ड्रिंग अर्थात धनशोधन आज केवल आर्थिक अपराध नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठित अपराध, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और अवैध व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय आधार बन चुका है। सामान्य शब्दों में कहें तो मनी लॉन्ड्रिंग वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से अपराध से अर्जित धन के वास्तविक स्रोत को छिपाकर उसे वैध अथवा कानूनी रूप से अर्जित धन के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। अपराधी जानते हैं कि केवल अवैध तरीके से धन कमाना पर्याप्त नहीं है; उस धन को ऐसी व्यवस्था में शामिल करना भी आवश्यक है, जिससे उसकी वास्तविक उत्पत्ति का पता लगाना कठिन हो जाए। यही कारण है कि आधुनिक वित्तीय व्यवस्था में धनशोधन की चुनौती लगातार जटिल होती जा रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया को सामान्यतः तीन प्रमुख चरणों में समझा जाता है—प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन। पहले चरण में अपरा...

