Sunday, October 25

अखबार विक्रेताओं के स्वतंत्र कल्याणकारी मंडल के लिए 9 अक्टूबर को कोल्हापुर में मोर्चा; 12 से अधिक मांगों को लेकर आंदोलन

महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा घोषित स्वतंत्र अखबार विक्रेता कल्याणकारी मंडल को तत्काल लागू करने की मांग अखबार विक्रेताओं ने की है। इन मांगों को लेकर प्रस्तावित मोर्चे की योजना बनाने के लिए 28 सितंबर को दोपहर 3 बजे कोल्हापुर के बिंदू चौक में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के विभिन्न तालुकों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष तथा विभिन्न अखबार विक्रेता संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में मोर्चे की योजना, मांगों की रूपरेखा तथा सरकार के समक्ष किए जाने वाले प्रयासों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

स्वतंत्र अखबार विक्रेता कल्याणकारी मंडल को तत्काल कार्यान्वित कर महाराष्ट्र राज्य अखबार विक्रेता संगठन के सदस्यों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की मांग की गई है।

इनमें वृद्ध हो चुके अखबार विक्रेताओं को पेंशन लागू करना, सरकारी आवास योजनाओं में अखबार विक्रेताओं के लिए आरक्षित कोटा रखना तथा 75 प्रतिशत या उससे अधिक स्थायी दिव्यांगता होने पर आर्थिक सहायता देना शामिल है।

अखबार विक्रेता की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही विक्रेता की मृत्यु होने पर उसकी विधवा पत्नी अथवा महिला अखबार विक्रेता की मृत्यु होने पर उसके विधुर पति को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

अखबार वितरण के कार्य के दौरान किसी विक्रेता की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को आर्थिक सहायता तथा गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

अखबार विक्रेताओं के लिए शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पेपर स्टॉल लगाने हेतु जगह आरक्षित की जाए। वर्तमान में मौजूद अखबार स्टॉल को अतिक्रमण न माना जाए, ऐसी मांग की गई है।

सड़क चौड़ीकरण अथवा विकास कार्यों के कारण मौजूदा स्टॉल को हटाने की आवश्यकता होने पर उसे हटाने से पहले अखबार बिक्री के व्यवसाय के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए, ऐसी मांग विक्रेताओं ने की है।

महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग

अखबार विक्रेताओं की पत्नियों तथा महिला अखबार विक्रेताओं को प्रसूति के लिए आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही अखबार विक्रेताओं के बच्चों की स्कूली एवं उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ऐसी मांग भी रखी गई है।

स्वतंत्र अखबार विक्रेता कल्याणकारी मंडल के गठन की प्रक्रिया तत्काल पूरी कर शासनादेश जारी किया जाए और मंडल को प्रत्यक्ष रूप से कार्यान्वित किया जाए। इन मांगों को लेकर 9 अक्टूबर को आयोजित मोर्चे में राज्यभर के अखबार विक्रेताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है।

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