कभी मानस से विलुप्त हो गए थे एक सींग वाले गैंडे, अब नई पीढ़ी के जन्म से संरक्षण अभियान को मिली नई उम्मीद
असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में पुनर्वास के प्रयास सफल होने के संकेत, एक दशक में दर्ज हुए 35 गैंडों के जन्म; आनुवंशिक विविधता और सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती
(SDNA) असम। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान से उत्साहजनक खबर सामने आई है। कभी इस जंगल से पूरी तरह गायब हो चुके एक सींग वाले गैंडे अब दोबारा अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं। दूसरे संरक्षित क्षेत्रों से गैंडों को लाने और पुनर्वास के बाद उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2012 से 2021 के बीच मानस में 35 गैंडों के जन्म दर्ज किए गए। इनमें मानस में जन्मी पहली पीढ़ी के गैंडों के बच्चे भी शामिल हैं, जो इस संरक्षण अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत है।
दूसरे जंगलों से लाकर फिर बसाई गई गैंडों की आबादी
असम के चिरांग और बक्सा जिलों में फैला मानस राष्ट्रीय उद...

