
बारिश की कमी से पंढरपुर- मंगळवेढा में सूखे का संकट; किसानों के व्यापक पंचनामे कर तत्काल मदद दें – भगीरथ भालके
पंढरपुर-मंगळवेढा क्षेत्र में बारिश की कमी से सूखे की स्थिति निर्माण हुई है। भगीरथ भालके ने उद्योग मंत्री उदय सामंत से किसानों के व्यापक पंचनामे,आर्थिक सहायता,चारा शिविर और पेयजल व्यवस्था की मांग की।
पंढरपुर | ज्ञानप्रवाह न्यूज़, दि.6 आक्टों 2026 : बारिश के मौसम में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण पंढरपुर- मंगळवेढा तहसील सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अपेक्षित बारिश नहीं होने से सूखे की स्थिति निर्माण हो गई है। सरकार इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लेकर किसानों की फसल क्षति का व्यापक स्तर पर पंचनामा कराए और प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, ऐसी मांग शिवसेना नेता भगीरथ भालके ने उद्योग मंत्री उदय सामंत से प्रत्यक्ष मुलाकात कर ज्ञापन के माध्यम से की।
बारिश की कमी के कारण पंढरपुर-मंगळवेढा क्षेत्र में किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अपेक्षित बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर संकट मंडरा रहा है। खेती पर निर्भर किसान परिवारों के साथ पशुपालकों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। पशुओं के चारे के साथ ही पीने के पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
बारिश का मौसम शुरू होने के बाद किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ खरीफ फसलों की बुआई की थी। लेकिन बुआई के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बुआई, बीज, खाद, कीटनाशक, दवाओं के छिड़काव और खेती की तैयारी पर किसानों ने पहले ही बड़ी राशि खर्च कर दी है। ऐसे में फसल हाथ से निकलने की आशंका के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है।
भगीरथ भालके ने ज्ञापन में कहा कि सरकार को सूखे की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए किसानों की फसल क्षति का व्यापक स्तर पर पंचनामा तत्काल शुरू करना चाहिए। नुकसानग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही पशुओं के लिए चारे और नागरिकों तथा पशुधन के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक परिवारों के लिए खेती के साथ पशुपालन भी आय का महत्वपूर्ण आधार है। लेकिन चारे की कमी के कारण पशुपालकों के सामने पशुओं के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हरे चारे की उपलब्धता लगातार कम हो रही है। इसलिए पशुपालकों को राहत देने के लिए तत्काल चारा उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यकता वाले क्षेत्रों में चारा शिविर शुरू किए जाने चाहिए, ऐसी मांग भी भगीरथ भालके ने की है।

