Friday, October 23

जयपुर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ के 9 वर्ष पूर्ण, भव्य विधान व समापन समारोह में उमड़ा जैन समाज

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन आयोजित 48 दिवसीय भक्तामर पाठ के उपरांत 3 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे से विधानाचार्य पं. अजित शास्त्री, गायत्री नगर के निर्देशन में भक्तामर विधान का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ ऋद्धि मंत्रों का उच्चारण करते हुए अर्घ्य एवं दीप अर्चना की।

इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह,संतोष गंगवाल,राकेश पाटोदी सहित समिति के सदस्यों ने विधानाचार्य पं.अजित शास्त्री का सम्मान किया।

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अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने भक्तामर स्तोत्र की रचना से जुड़ी धार्मिक कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि आचार्य मांगतुंग ने जिनेंद्र देव की भक्ति करते हुए भक्तामर स्तोत्र के श्लोकों की रचना की और प्रत्येक श्लोक के प्रभाव से उनके बंधन खुलते गए। अंततः आचार्य को बंधन से मुक्ति मिली और राजा ने उनके चरणों में नतमस्तक होकर क्षमा मांगी।

कार्यक्रम संयोजक अनीता बड़जात्या के अनुसार भक्तामर विधान मंडल पर पुण्यार्जक परिवारों की ओर से कलश स्थापना एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया।लता सोगानी, विमला पापड़ीवाल,राजेश-चैताली वोहरा,सरोज बड़जात्या तथा अनिल-प्रतिभा जैन सहित श्रद्धालु परिवारों ने पुण्यार्जन किया।

संयोजिका श्रीमती विमला जैन,डॉ. अनीता वैद और ज्योति जैन ने बताया कि आयोजन को मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह एवं उनकी टीम के साथ संपूर्ण जैन समाज का सहयोग मिला।आयोजन में प्रतिदिन, 5 दिन, 10-11 दिन, 17 दिन, 30 दिन तथा 48 दिन के पुण्यार्जक परिवारों ने सहभागी बनकर सातिशय पुण्य अर्जित किया।

समापन समारोह में उदयभान जैन, आलोक चौकडायत,सुबोध लुहाड़िया,राकेश पाटोदी,पारस जैन,पुष्पेंद्र जैन,आलोक-प्रमिला शाह, राखी पाटनी, रश्मि तोतूका सहित समाज के गणमान्य लोग, महिला समूह,महिला मंडल की महिलाएं,पुरुष तथा बालक- बालिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने भक्तिभाव के साथ आयोजन में सहभागिता कर पुण्यार्जन प्राप्त किया।

समारोह में स्वर कोकिला सुनंदा अजमेरा ने मधुर कंठ से भक्तामर पाठ करवाया। 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का प्रतिदिन संचालन अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बड़जात्या ने किया।

आयोजकों ने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं तथा श्री दिगम्बर जैन मंदिर प्रबंध समिति का आभार व्यक्त किया।

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