

भूजल संरक्षण पर भी प्रशासन का फोकस, सरकारी भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में अनिवार्य होगा वॉटर रिचार्जिंग
इंदौर, 28 सितंबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए इंदौर जिला प्रशासन ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर जोर दिया है। जिले के सभी 610 गांवों में घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं सभी शासकीय भवनों और नए प्रधानमंत्री आवासों में वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में पेयजल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण, भूजल संवर्धन, ग्रामीण स्वच्छता और प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विधायक सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु प्रजापति सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हर सरकारी भवन में होगा वॉटर रिचार्ज
कलेक्टर ने जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि भूजल संरक्षण से जुड़े कार्यों को अभियान समाप्त होने के बाद भी लगातार जारी रखा जाए।
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उन्होंने जिले के सभी शासकीय भवनों में वॉटर रिचार्जिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन सभी प्रधानमंत्री आवासों में भी वर्षाजल को भूजल में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जनभागीदारी से हजारों जल संरक्षण कार्य
बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान जिले में जनभागीदारी से बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य किए गए। मार्च से जून तक चले अभियान के दौरान 2,088 रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए, जबकि 309 रिचार्ज पिट तैयार किए गए।
इसी अवधि में 373 कुओं और 481 हैंडपंपों के रिचार्ज का कार्य किया गया। इसके अलावा 79 चेकडेम/स्टॉपडेम, 93 तालाब और 21 बावड़ियों के जीर्णोद्धार का काम कराया गया। जिले में छह नए तालाब भी बनाए गए। वहीं अमृत सरोवर योजना के तहत पिछले वर्ष 101 नए तालाब तैयार किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।
56 क्लस्टर में बांटे जाएंगे 610 गांव
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण योजना पर चर्चा हुई। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत जिले के सभी गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
संग्रहित कचरे के सुरक्षित परिवहन के साथ उसके वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण की व्यवस्था भी की जाएगी। इस पूरी प्रणाली को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की योजना है। इसके लिए जिले के 610 गांवों को 56 क्लस्टर में विभाजित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्लस्टर आधारित कार्ययोजना को जल्द अंतिम रूप देकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण के साथ-साथ कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और जल संरक्षण की व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।
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