Thursday, October 22

इंदौर में शान्तनु मोइत्रा को मिला राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान-2026


लता मंगेशकर के सुरों में जीवन के हर भाव की अभिव्यक्ति—मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव | संगीत संध्या में सचेत-परम्परा एवं दल ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

इंदौर, 28 सितंबर 2026। (SDNA) मध्यप्रदेश शासन के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान-2026 से सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक शान्तनु मोइत्रा को सम्मानित किया गया। इंदौर में आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली शामिल हुए। सम्मान समारोह के बाद आयोजित संगीत संध्या में सचेत-परम्परा एवं उनके दल की प्रस्तुतियों ने वातावरण को सुरमयी बना दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर की स्मृति में स्थापित यह सम्मान देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर जैसी महान कलाकार का जन्म इंदौर की धरती पर होना मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।

📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!

देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।

📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।

👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें

SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।

भक्ति से देशभक्ति और प्रेम-विरह तक हर भाव को आवाज

मुख्यमंत्री ने कहा कि लता मंगेशकर के गीतों में जीवन के विविध रंग दिखाई देते हैं। भक्ति, देशभक्ति, प्रेम, विरह, दोस्ती और उत्सव—हर भाव को उन्होंने अपनी मधुर आवाज से अलग पहचान दी। उनके गायन की विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्रीय, सुगम, भक्ति और लोक संगीत सहित विभिन्न विधाओं में लता जी का योगदान असाधारण रहा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों पर गूंजने वाले लता जी के देशभक्ति गीत आज भी लोगों में देशप्रेम की भावना जगाते हैं। गणेश उत्सव और नवरात्रि जैसे पर्वों से जुड़े अनेक गीत भी उनकी आवाज के कारण लोगों की स्मृतियों का हिस्सा बने हुए हैं।

शान्तनु मोइत्रा की संगीत साधना को मिली पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण से सम्मानित शान्तनु मोइत्रा की संगीत यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से भारतीय संगीत जगत को समृद्ध किया है।

उन्होंने उनके चर्चित गीतों और संगीत रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘बावरा मन देखने चला एक सपना’ जैसी रचनाओं ने श्रोताओं के बीच विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने मोइत्रा द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव स्तोत्र और राम-सिया भजन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित करना मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने की परंपरा का हिस्सा है।

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा समृद्ध

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती साहित्य, संगीत और कला की समृद्ध परंपरा की साक्षी रही है। महाकवि कालिदास से लेकर आधुनिक दौर के साहित्यकारों, कलाकारों और फिल्म जगत की प्रतिभाओं तक प्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा निरंतर समृद्ध हुई है।

सम्मान को शान्तनु मोइत्रा ने बताया भावुक क्षण

सम्मान प्राप्त करने के बाद शान्तनु मोइत्रा ने मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर की जन्मस्थली इंदौर में, उनके नाम से स्थापित सम्मान प्राप्त करना उनके लिए अत्यंत गौरव और भावुकता का क्षण है।

मोइत्रा ने लता मंगेशकर के साथ स्टूडियो में काम करने का संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने कहा कि लता जी चार पंक्तियों के गीत के लिए भी पूरी गंभीरता, तैयारी और समर्पण के साथ काम करती थीं। उनके अनुसार, लता जी से मिली सबसे बड़ी सीख अपने काम के प्रति ईमानदारी, अनुशासन और उत्कृष्टता की है। उन्होंने कहा कि आज भी कोई गीत बनाते समय उनके मन में यह विचार आता है कि यदि लता जी इसे गातीं तो वह कैसा होता।

संगीत संध्या ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव के स्वागत उद्बोधन और प्रशस्ति पत्र वाचन से हुई। अलंकरण समारोह के बाद आयोजित संगीत संध्या में सचेत-परम्परा एवं उनके दल ने विभिन्न मधुर गीतों की प्रस्तुतियां दीं। संगीत प्रेमी देर तक इन प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।

समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, कलेक्टर शिवम वर्मा, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, श्रवण सिंह चावड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा स्वर्गीय लता मंगेशकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *